वृद्धावस्था में जरूरी है संतुलित आहार !

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अक्सर बुजुर्ग अपने डाॅक्टर से भूख न होने की शिकायत करते हैं। दोपहर का भोजन तो छोड़ते ही है, घर से निकलते वक्त नाश्ता भी नहीं करते। पूरा दिन पेय पदार्थों पर गुजारते हैं और देर रात को कुछ भी खाए बिना सो जाते हैं। चूंकि दिनभर भूखा रहने से शरीर में ऊर्जा भी बरकरार नहीं रहती, सो प्रातः घूमने के लिए भी नहीं जा पाते। यह चयपचय प्रणाली को धीमा बना देता है। ऐसे में वृद्धावस्था को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार का समय पर सेवन जरूरी है। आइए जानें कुछ पौष्टिक आहरों के बारे में-

प्रोटीन सलाद: इसमें आप पनीर या सोया के दाने लें तथा इनमें कुछ कटी हुई सब्जियां जैसे टमाटर, खीरा मिलाएं। इसमें थोड़ा सा दही या नींबू का रस तथा जैतून का तेल मिलाएं। बारीक पिसी काली मिर्च व नमक मिलाकर इसका सेवन करें। इस सलाद में विभिन्न प्रकार के एन्जाइम होते हैं जो पाचन क्रिया को सुधारने में सहायक सिद्ध होंगे। इसमें प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन बी काॅम्पलेक्स, आयरन तथा विटामिन सी प्रचुर मात्रा में विद्यमान होता है।

अंकुरित चना: यह प्रोटीनयुक्त होता है। इसके सेवन से संतुष्टि मिलती है। अंकुरित चने जहां खाने में स्वादिष्ट होते हैं, वहीं पौष्टिकता से भी भरपूर होते हैं। हां, इसका सेवन कम मात्रा में ही करें।

फलों की सलाद: विभिन्न प्रकार के फल जैसे पपीता, सेब, अनार, केला, अंगूर, नाशपाती इत्यादि लें। अनार के दाने निकाल लें। इसमें बारीक कटा पनीर भी मिलाएं। थोड़ा-सा नमक, चाट मसाला व नींबू का रस डालें। यह आपको तरोताजा रखने में सहायक होगी, साथ ही, हल्की व सुपाच्य भी।

अंकुरित अनाज: इनमें ऊर्जा भरपूर मात्रा में होती है। साथ ही ये विटामिन सी, बी, काम्पलेक्स, खनिज पदार्थ तथा एनजाइम्स का भंडार होते हैं। ये शरीर में बिना वसा को एकत्रित किए ऊर्जा को बढ़ाने का कार्य करते हैं। इन्हें भी अन्य प्रकार की चाट के मुताबिक तैयार करके सेवन करें।

दलिया: गेहूं का दलिया सब्जियों के साथ बनाया जाए तो यह काफी ऊर्जावान बन जाता है। इसमें आप विभिन्न प्रकार की सब्जियां जैसे मटर, फलियां , टमाटर, बंदगोभी, फूलगोभी, गाजर, पालक इत्यादि डालकर तैयार कर सकती हैं।