नकसीर छूटने पर बचाव !


बार-बार नकसीर छूटे, तो सबसे बड़ा कारण यही होता है कि व्यक्ति बार-बार नाकाम उंगली डालने का आदि है। यह आदत छोड़े।
नाक की खुजली मिटाए- अगर नाक का अंदरूनी सतह बहुत शुष्क हो जाए और अंदर से फटने लगे तो उसकी नमी लोटाने के लिए दिन में 3-4 बार नेजल ड्राप्स डालें। इतने से भी काम न बने तो दोनों नासिकाओं के अंदर ऑबंटमेंट या क्रीम लगाएं। ये दोनों क्रीम ही बैक्टीरिया नाशक हैं और साथ ही नाक की अंदरूनी सतह को मुलायम रखने में सक्षम है। 
रक्त वाहिकाओं की मजबूती के लिए विटामिन-सी की गोली लें। कुछ डाक्टर नकसीर से बचने के लिए रोगी को तरह-तरह के विटामिन लेने की सलाह देते हैं इसका कोई वैज्ञानिक औचित्य नहीं है। अधिक से अधिक यह प्लेसिबी का काम कर सकते हैं। अगर विटामिन लेना ही हो तो विटामिन सी के ही लें। एंटी-एलर्जिक दवा लें। अगर नाक बंद रहे, नजला रहे और डाक्टर एलर्जिक राइनाइटिस होने की पुष्टि करे तो इस धूल भरे और पराग कणों से लदी हवा से बचने के लिए अप्रैल-मई के इन महीनों में डाक्टरी देखरेख में एंटी-एलर्जिक दवा लें।
डाक्टर से संपर्क करें- अगर बार-बार खून आए तो इसे नजर अंदाज न करें, बल्कि जल्दी किसी ईएनटी डाक्टर से जांच कराएं कुछेक मामलों में नाक के अंदरूनी हिस्से टयूमर या कैंसर से भी यह लक्षण दिखाई देता है।
ब्लड प्रेशर और नकसीर- जिन लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ा होता है, उनमें नकसीर फूटने पर स्थिति को संभाल पाना मुश्किल है, खून ज्यादा निकलता है और उसे रोक पाना टेढ़ी खीर साबित होता है। अक्सर नेजल पैकिंग किए बिना काम नहीं चलता।