खनिज क्या होते हैं?


मिनरल या खनिज भूगर्भीय क्रियाओं से अस्तित्व में आने वाले अकार्बनिक तत्व हैं जो कई प्रकार के होते हैं। इनमें शुद्ध तत्वों से लेकर साल्ट या सिलिकेट रूप शामिल होती है जिनके हजारों तरह के स्वरूप बनाए जा सकते हैं। दुनिया में करीब तीन हजार खनिज हैं और खोज लगातार जारी है। हरेक खनिज का अणु ढांचा, रासायनिक बनावट और भौतिक विशेषताएं अलग होती हैं। हीरा भी खनिज श्रेणी में आता है जिसे तराश और चमका कर आभूषणों के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
प्रत्येक खनिज किसी विशेष तत्व या यौगिक के साथ रासायनिक आधार पर जुड़ा होता है। खनिजों में अन्य विशेषताएं जैसे कठोरता, रंग, चमक, विशेष गुरुत्वाकर्षण और क्रिस्टल या चमकदार पत्थर वाले गुण होते हैं। किसी भी खनिज का चमकदार पत्थर वाला ढांचा उसके रासायनिक और भौतिक तत्वों की पहचान कराने हेतु जरूरी है। खनिज के आकार से ही उसके अंदर अणुओं के रखरखाव का अंदाजा होता है। उसके ढांचे से उसकी भौतिक योग्यताओं पर भी काफी असर पड़ता है। उदाहरण के लिए, ग्रेफाइट और हीरा कार्बन से मिलकर बनते हैं, लेकिन उनकी बनावट में अलग कठोर तत्वों का योगदान रहता है।
खनिज पत्थर से भिन्न होता है, जो अलग-अलग खनिजों से मिलकर बना होता है और उनका रासायनिक मिश्रण भी अलग होता है। चूना पत्थर जैसे पत्थर एक ही खनिज से बनते हैं, जबकि अन्य विभिन्न खनिजों से मिलकर बनते हैं। व्यावसायिक तौर पर कीमती खनिज मिश्रित पत्थरों को अयस्क कहा जाता है।
कुछ खनिजों का दुनिया भर में भरपूर इस्तेमाल होता है जिनमें क्वार्टज प्रमुख है और कुछ का इस्तेमाल विशेष कार्यों में होता है जैसे पन्ना। ऐतिहासिक आधार पर भी खनिज हजारों वर्षों से इनसान की बड़ी जरूरत रहे हैं। हीरे और सोने के लिए कई लड़ाइयां हुई है। आज पृथ्वी पर पाए जाने वाले खनिज सीमित मात्रा में हैं और इसके उत्खनन, संरक्षण और शोषण के मुद्दों का बेहद राजनीतिकरण हो चुका है।