कोई सपना नहीं है लम्बी उम्र !


लम्बी उम्र के लिए जो प्रयास किया जाने चाहिए, अकसर हम उनका पालन पूरी तरह से कर नहीं पाते। शारीरिक चुस्ती हो या मानसिक निर्बलता, लम्बी उम्र के लिए इन सब में संतुलन बिठाना होता है। सेहतमंद लम्बी उम्र के लिए शास्त्रों से लेकर आधुनिक विज्ञान तक के पास कुछ नुस्खे है।


पेश हैं कुछ तथ्य - ----


धृतराष्ट्र और विदुर 100 वर्ष तक कैसे जिएं, इस विषय पर बात हो रही थी। विदुर के अनुसार अभिमान तथा अहंकार मनुष्य को शारीरिक रूप से कमजोर बनाता है। अधिक बोलने वाले और मौन धारण नहीं करने वाले व्यक्ति की मृत्यु भी जल्दी हो जाती है। क्रोध मनुष्य की आयु का सबसे बड़ा दुश्मन है। ऐसे लोग कम उम्र में ही रोगी होकर मृत्यु को प्राप्त होते हैं। हर रोज जमकर मेहनत करना हमें सेहतमंद बनाए रखता है।


पूरी उम्र मे सौ साल माने जाते हैं। इस तरह से जीवन को चार भागों में बांटा गया है। उम्र के पहले 25 सालों को शरीर, मन और बुद्धि के विकास के लिए तय किया गया है, 25 से 50 वर्ष की उम्र के लिए काम व गृहस्थ कर्म तय किए गये हैं। इस समय अतिकाम से बचना चाहिए, अन्यथा ये आयु के लिए नकारात्मक सिद्ध होता है। 50 से 75 की आयु के बीच वानप्रस्थ और वैराग्य प्रारम्भ होना चाहिए। इस समय मन धीरे-धीरे सभी विषयों और दायित्वों से हटाते हुए, भोजन मेें भी अनाज का सेवन कम करते जाना चाहिए। प्रार्थना और ध्यान बढ़ाते जाना चाहिए। 75 वर्ष के बाद की आयु में सभी सांसारिक दायित्वों को छोड़ कर अपना सारा समय प्रार्थना और साधना में लगा देना चाहिए।


क्या कहता है विज्ञान


लम्बी उम्र पर पिछले कई सालों में शोध करने वाले संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिकों डाॅ0 डी ग्रे का दावा है कि ऐसा संभव होगा तमाम तरह की बीमारियों का खात्मा कर के। डाॅ0 डी ग्रे का मानना है कि बुढ़ापा कुल मिलाकर हमारे शरीर में जीवन भर जमा हुई कोशिकाओं का नाश होना है और इसे रोकना संभव है। एक आंकड़े के मुताबिक हर साल जीवनकाल में तीन महीने की वृद्धि हो रही है और वर्ष 2030 में 100 साल की उम्र पार करने वालों की संख्या कई लाख में होगी। जापान में वर्ष 2010 में 44,000 से ज्यादा लोग 100 से ज्यादा उम्र के थे।