हिन्दू धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखते हैं, तभी भारत धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र हैं?


नागरिक संशोधन विधेयक तो उन शरणार्थियों के लिए है जो पाकिस्तान, बंग्लादेश तथा अफगानिस्तान के मुस्लिम देशों से अल्पसंख्यक भारत आये हैं। वहां अल्पसंख्यक तो हिन्दू, सिख, जैन, पारसी, सिख, ईसाई हैं, मुस्लिम नहीं। अतः सदन में जो ऊंची-ऊंची आवाजों में अपनी रोटी सेकने के लिए बोल रहे हैं, क्या वे इस तथ्य को नहीं जानते? भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति तो भारत में हिन्दुओं से भी अच्छी हैं और हिन्दुओं को इस पर गर्व है, क्योंकि हिन्दू स्वाभाविक रूप से धर्म निरपेक्षता में विश्वास रखता है और इसलिए भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है। किन्तु कुछ दलों का रवैया बेहद शर्मनाक है क्योंकि वे वोट के लिए मुस्लिमों की वोटों को प्रभावित करने के लिए अनर्गल भाषा बोलते रहते हैं। इस विधेयक का पास होना उन करोड़ों शरणार्थियों का भला करेगा जो उक्त तीन देशों से भारत में शरण लिये हुए हैं।
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