सामान्य रोग बन चुका है हाई ब्लड प्रेशर


आम धारणा यह बनी हुई है कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अधिक आय वाले देशों में है। इस रोग को लोग अमीरी से जोड़ते हैं, लेकिन इस मिथ को इस अध्ययन ने तोड़ दिया है। अध्ययन के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित 80 प्रतिशत से अधिक रोग भारत जैस विकासशील देशों में होते हैं और ज्यादातर इस रोग से एडल्ट्स पीड़ित हैं। हैरत की बात तो यह है कि बीमारी में एडजस्ट किये गये 920 लाख से अधिक जीवन वर्ष हाई ब्लड प्रेशर के कारण थे। दूसरे शब्दों में इसका अर्थ यह है कि हाई ब्लड प्रेशर की वजह से जितना समय लोग बीमारी में गुजार चुके हैं वह लगभग 920 लाख वर्ष है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में स्ट्रोक के कारण होने वाली कुल मौतों में 57 प्रतिशत का सीधा संबंध हाई ब्लड प्रेशर से है और कोरोनरी हार्ट रोग से जिन लोगों का निधन होता है उनमें से 24 प्रतिशत हाई ब्लड प्रेशर की वजह से होते हैं। अनुमान है कि ग्रामीण भारत में 315 लाख लोग और शहरी भारत में 340 लाख लोग हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं।
हाई ब्लड प्रेशर की मुख्य वजह-
-खानपान में अधिक नमक का सेवन
-मोटापा
-डायबिटीज या मधुमेह
-तनाव
-जेनेटिक फैक्टर्स
विशेषज्ञों का मत है कि हाई ब्लड प्रेशर में बहुत मामूली से गिरावट भी व्यक्ति को बहुत अधिक लाभ पहुंचा सकती है। अगर प्री-हाइपरटेंशन कम हो जाये तो 40 प्रतिशत हार्ट-अटैक को रोका जा सकता है। अगर मात्र 5 एमएम बीपी कम कर लिया जाये तो 21 प्रतिशत मृत्युदर में कमी लायी जा सकती है। प्रति एक किलो वजन कम करने से 1 एमएम ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।


प्रस्तुति-संजय कुमार गर्ग 


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