क्या होता हैं "स्पेस शटल"


आपने स्पेस शटल के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते है कि स्पेस शटल क्या होता है? स्पेस शटल डिस्कवरी के नाम से तो आखिर कौन परिचित नहीं होगा? इसमें भारतीय मूल की वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स सवार थीं। गौरतलब है कि यह अंतरिक्ष यान कई वैज्ञानिकों के साथ इंटरनेशनल स्पेस सेंटर की मरम्मत करने और अध्ययन के लिए अंतरिक्ष में गया था। डिस्कवरी फिर से इस्तेमाल हो सकने वाला एयरक्राफ्ट है। इसमें ही सवार होकर वैज्ञानिक अंतरिक्ष में पहुंचते हैं। स्पेसक्राफ्ट में कंप्यूटर डाटा एकत्र करने और संचार के तमाम यंत्र लगे होते हैं। इसमें एस्ट्रोनॉट्स के खाने पीने और यहां तक कि मनोरंजन के साजो सामान और व्यायाम के उपकरण भी लगे रहते हैं। स्पेस शटल को स्पेस क्राफ्ट भी कहा जाता है।


कैसे भेजते हैं : इसे किसी एक रॉकेट के साथ जोड़कर अंतरिक्ष में भेजा जाता है। मगर यह सामान्य विमानों की तरह धरती पर लौट आता है। इसे अंतरिक्ष मिशन के लिए कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है। शुरुआती एयरक्राफ्ट एक बार ही प्रयोग हो पाते थे। स्पेसक्राफ्ट के ऊपर विशेष प्रकार की तापरोधी चादर बिछी होती है। यह चादर पृथ्वी का कक्षा में उसे घर्षण से पैदा होने वाली ऊर्जा से बचाती है। इसलिए इस चादर को बचाकर रखा जाता है। अगर यह चादर न हो या किसी कारणवश टूट जाए, तो पूरा यान मिनटों में जलकर खाक हो जाता है।


संचालन : चंद्र अभियानों के अलावा, ग्रहों की जानकारी एकत्र करने के लिए जितने भी स्पेसक्राफ्ट भेजे जाते हैं, वह रोबोक्राफ्ट होते हैं। कंप्यूटर और रोबोट के जरिए धरती से इनका ऑटोमेटिक संचालन होता है। चूंकि इन्हें धरती पर वापस लाना कठिन होता है, इसलिए संचालन ऑटोमेटिक होता है।


स्पेस शटल के माध्यम से ही एस्ट्रोनॉटस को अंतरिक्ष में भेजा जाता है। अंतरिक्ष का अध्ययन करने और सेटेलाइट की मरम्मत के लिए भी शटल का प्रयोग किया जाता है।